बंगाल में भाजपा की सरकार आने के बाद अब बंगाल में शरू हो चुकी है उद्योगीकरण की राजनीति । बंगाल में ममता के शासनकाल में उद्योगों के बंद होने से वहां रोजगार नही पनप पाया और बंगाल 15 से 20 साल पीछे चला गया था लेकिन अब जबसे शुवेन्दु अधिकारी मुख्यमंत्री का पद पर काबिज हुए है तब से वहाँ पर शुवेन्दु अधिकारी ने देश भर से उधोग पतियों को बंगाल में फैक्टरी लगाने के लिए बुला रहे हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा की गारंटी दे रहे। अभी हाल ही में शुवेन्दु कई कानून लेकर आ रहे हैं जिससे कि कोई भी लोकल गुंडा वसूली या धमकी नही दे पाएगा यदि वो किसी भी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाएगा तो वो तीन गुना जुर्माना भरेगा और जेल जाएगा।
कई वर्षों से राजनीति के कारण बंगाल में उधोग नही पनपा जिसके कारण वहाँ रोजगार की समस्या उतपन्न हुई।
अब गौतम अडानी वहाँ पर अपनी एक अस्पताल के शिलान्यास की घोषणा कर दी है। ये एक क़दम है जिससे बाकी उधोगपति भी बंगाल में निवेश करने के इच्छुक होंगे।
बंगाल अगर सही रास्ते पर रहा तो एक दिन ऐसा आएगा कि बंगाल देश का सबसे विकसित राज्य होगा। किसी भी राज्य में उधोग तभी बढ़ेगा जब वहाँ की सरकार अपने अपने राज्य में सही कानून व्यवस्था और संसाधनों उपलब्ध करा सकेगी । उधोग पर हमेशा राजनीति हावी रही है । बिहार इसका सबसे अच्छा उदाहरण है । बिहार में राजनीतिक हस्तक्षेप और पुरानी कानून व्यवस्था के चलते वहाँ पर कभी भी उधोग विकसित नहीं हुआ उलटा वहाँ के लोग दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए पलायन कर चुके हैं।
एक कुशल सरकार ही राज्य में उधोग विकसित कर सकती है ।
उदारता और सरलता ही विकसित राज्य बन जाता है।
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