सीताराम राम जप से वो मिल जाता है जो सोचा भी न हो बिल्कुल समझ से परे हो , आप जैसे जैसे जैसे नाम जप प्रारम्भ करते हैं वैसे ही आप के अंदर शरुआत में उथल पुथल होना चालू हो जाता है फिर आपको मन नहीं करेगा कि आप सीताराम जाप करें ।
लेकिन यकीन मानो यही परीक्षा है असली भक्ती भाव मे जाने कि यदि आप पीछे मुड़ गए तो आप वो चीज़ नहीं पा सकेंगे जिस चीज़ की आपको जरूरत है।
सीताराम जाप करने वाला अपने आप में धीरे धीरे दिव्य अनुभव करने लगता है ।
दृष्टि और अनुभव समय के साथ जप करने पर बदल जाते हैं और फिर आप एक समय के बाद उन चीज़ों का त्याग करने लगते हैं जो आपके लायक बिल्कुल नही है। मतलब प्रभु अपना प्रभाव दिखाने लगते हैं । आपको प्रभ की छाया मिलने लगती है । आप महसूस करने लगते हैं कि इस दुनिया मे कोई भी चीज़ आपके अनुकूल नहीं है । प्रभु आपको वो दे देंगे जो आपको मिलना है या सही है । आपको उन चीज़ों से दूर कर दिया जाता है जो आपके लायक नहीं है।
सीताराम जाप जितना अधिक प्रबल होगा उतना आपके जीवन का भाव बदलना शरू हो जाएगा। आप चिंता में से निकलकर चिंतन भाव में अग्रसर हो जाएंगे । आप एक और सर्वश्रेष्ठ हो जाएगा। आपके मान सम्मान में कोई कमी नहीं आएगी। आपके के दु:ख दर्द धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगे ।आप अपने आप में अनुभव करेंगे कि ये जो दुनिया है वो कर्म के लिए बनी और जन्म और मरन के इस चक्र में कर्म का भोग भोगना पड़ता है।
आप खुद आनंद में जीने लगेंगे आपका मन सबके मन की बाते जान लेगा । आप कर्म आधारित बात जान जानने लगेंगे । आपके मन की मुराद पूरी होने लगेगी।
आपको सब कुछ यूं ही पता चलने लगेगा।
सीताराम जप से आप बुरे कर्म करने के भाव से बचने लगेंगे आपको दया भाव आने लगेगा।
छोटे छोटे जानवरों से प्यार होने लगेगा। आपको इनकी मदद करने का प्रयास करने लगेंगे । आपके जीवन में अच्छे लोग के आने लगेंगे और आपका जीवन सूंदर हो जाएगा। तुलसीदास जी हमेशा कहते थे जिसने भी जिव्हा से राम नाम लिया उसका जीवन प्रकाश मय हो गया। आपके कैरियर में आई बाधा भी समाप्त हो जाएगी। आपके साथ लोगों का प्रेम बढ़ने लगेगा। आपको काम करने का मन करने लगेगा । आपके अंदर आलस खत्म हो जाएगा। आपकी बुद्धि तेज़ हो जाएगी।
जिसने भी सीताराम पे भरोसा किया उसका जीवन मंगल मय हो गया समझो।
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