संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC भारत की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। यह संस्था देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी पदों पर भर्ती के लिए हर साल परीक्षा आयोजित करती है। इनमें सबसे प्रमुख है भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)। इसके अलावा भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) और कई अन्य ग्रुप ए तथा ग्रुप बी सेवाओं के लिए भी यही परीक्षा होती है। लाखों युवा हर साल इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और इसमें शामिल होते हैं क्योंकि यह परीक्षा न केवल अच्छी सैलरी और पद देता है, बल्कि देश की सेवा करने का सुनहरा मौका भी प्रदान करता है।
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल करीब 10 लाख से ज्यादा छात्र आवेदन करते हैं, लेकिन अंतिम चयन बहुत कम संख्या में होता है। लगभग 900 से 1100 पदों पर ही भर्ती होती है। इसलिए प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी होती है। फिर भी मेहनत, सही रणनीति और निरंतर प्रयास से कई छात्र सफलता हासिल करते हैं।
योग्यता और पात्रता
इस परीक्षा में अप्लाई करने के लिए सबसे जरूरी शर्त है कि छात्र स्नातक हो। कोई भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन किया हो तो वह अप्लाई कर सकता है। अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे मुख्य परीक्षा से पहले अपनी डिग्री पूरी कर लें।
उम्र सीमा सामान्य वर्ग के लिए 21 से 32 वर्ष है। ओबीसी के लिए 3 साल की छूट मिलती है (35 वर्ष तक), एससी/एसटी के लिए 5 साल की छूट (37 वर्ष तक) और दिव्यांग उम्मीदवारों को और अधिक छूट मिलती है। प्रयासों की संख्या भी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम 6 प्रयास, ओबीसी के लिए 9 और एससी/एसटी के लिए उम्र सीमा के अंदर असीमित प्रयास होते हैं।
राष्ट्रीयता के मामले में IAS, IPS और IFS के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। अन्य सेवाओं के लिए कुछ अतिरिक्त श्रेणियां भी पात्र हो सकती हैं।
परीक्षा के तीन चरण
UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है। ये चरण एक-दूसरे से जुड़े हैं और हर चरण को पास करना जरूरी है।
1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
यह परीक्षा स्क्रीनिंग टेस्ट की तरह होती है। इसमें दो पेपर होते हैं – सामान्य अध्ययन पेपर-1 और सीसैट (CSAT) पेपर-2। दोनों ऑब्जेक्टिव टाइप (मल्टीपल चॉइस) होते हैं। हर पेपर 200 अंकों का होता है और समय 2 घंटे का।
पेपर-1 में इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और करंट अफेयर्स से सवाल आते हैं। पेपर-2 में समझ, तर्कशक्ति, गणित और अंग्रेजी समझ की क्षमता जांची जाती है। सीसैट क्वालिफाइंग होता है – इसमें कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते। सिर्फ मुख्य परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन होता है।
2. मुख्य परीक्षा (Mains)
जो छात्र प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेते हैं, वे मुख्य परीक्षा देते हैं। यह परीक्षा वर्णनात्मक होती है। इसमें कुल 9 पेपर होते हैं। दो पेपर क्वालिफाइंग होते हैं – एक भारतीय भाषा और एक अंग्रेजी। बाकी 7 पेपरों के अंक मेरिट में गिने जाते हैं। इनमें निबंध, चार सामान्य अध्ययन पेपर और दो ऑप्शनल सब्जेक्ट के पेपर शामिल हैं। कुल 1750 अंक होते हैं। मुख्य परीक्षा में लिखने की क्षमता, विश्लेषण और विषय की गहरी समझ बहुत मायने रखती है।
3. साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण (Interview)
मुख्य परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। यह 275 अंकों का होता है। यहां बोर्ड उम्मीदवार के व्यक्तित्व, सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, सामान्य ज्ञान और संचार कौशल को जांचता है। साक्षात्कार में मुख्य परीक्षा के अंकों के साथ जोड़कर अंतिम मेरिट लिस्ट बनती है। कुल 2025 अंकों पर रैंक तय होती है।
आवेदन प्रक्रिया
आमतौर पर फरवरी के आसपास UPSC अपनी वेबसाइट पर सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करता है। नोटिफिकेशन जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। आप UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in या upsc.gov.in पर जाकर आसानी से फॉर्म भर सकते हैं।
पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) या यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। उसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, फोटो, सिग्नेचर अपलोड करके फॉर्म जमा करना होता है। सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये है। महिलाएं, एससी/एसटी और दिव्यांग उम्मीदवार शुल्क से मुक्त हैं। फॉर्म भरते समय सेवाओं की प्राथमिकता भी बतानी पड़ती है। ध्यान रहे कि अंतिम तारीख से पहले ही फॉर्म जमा कर दें क्योंकि आखिरी दिनों में सर्वर की भीड़ हो सकती है।
क्यों लाखों छात्र करते हैं तैयारी?
IAS बनने का सपना बहुतों का होता है क्योंकि इसमें समाज सेवा का मौका मिलता है। जिला कलेक्टर, सचिव जैसे पदों पर बैठकर नीतियां बनाने और लागू करने का काम होता है। सैलरी भी अच्छी है। शुरुआती बेसिक पे 56,100 रुपये के आसपास होता है, साथ में कई भत्ते मिलते हैं। लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण है सम्मान और जिम्मेदारी।
तैयारी के लिए नियमित अध्ययन, अखबार पढ़ना, एनसीईआरटी की किताबें, मानक रेफरेंस बुक्स और मॉक टेस्ट बहुत जरूरी हैं। करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कई छात्र कोचिंग लेते हैं, कुछ स्व-अध्ययन से भी सफलता पाते हैं। महत्वपूर्ण बात है धैर्य और निरंतरता।
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